विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 पकड़ने लगी रफ्तार, अब तक 6 लाख 62 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर कमा चुके पुण्य![]()
उत्तरकाशी/चमोली/रुद्रप्रयाग: देवभूमि उत्तराखंड में मौजूद चारों धामों में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है. केदारनाथ में तो एक ही दिन में 23 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे हैं. जिससे बाबा केदार के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 3 लाख पार कर गई है. जबकि, चारों धाम की बात करें तो अभी 6 लाख 63 हजार से ज्यादा श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं.
यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या: यमुनोत्री धाम में आज यानी 3 मई को 8,669 श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर पर हाजिरी लगाई. जिसमें 4,537 पुरुष, 3,805 महिला और 327 बच्चे शामिल रहे. इस तरह से अभी तक यमुनोत्री धाम में 98,234 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर पुण्य कमा चुके हैं.
गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या: गंगोत्री धाम में आज यानी 3 मई को 8,310 श्रद्धालुओं ने मां गंगा के दर शीष नवाया. जिसमें 4,567 पुरुष, 3,585 महिला और 158 बच्चे शामिल रहे. ऐसे में अभी तक 97,193 श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचकर मां गंगा का आशीर्वाद ले चुके हैं. इस तरह से अभी तक यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में 1,95,427 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं.
केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या: हिमालय की गोद में बसे ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम में आज यानी 3 मई को 23,784 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए. जिसमें 15,400 पुरुष, 8,255 महिला और 129 बच्चे भी शामिल रहे. इस तरह से अभी तक 3,08,085 श्रद्धालु बाबा केदार का आशीर्वाद ले चुके हैं.
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या: बदरीनाथ धाम में आज यानी 3 मई को 17,037 श्रद्धालुओं ने बदरी विशाल के दर्शन किए. जिसमें 8,947 पुरुष, 6,985 महिला और 1,105 बच्चे शामिल रहे. इस तरह से अभी तक बदरीनाथ धाम में 1,59,466 श्रद्धालु दर्शन कर पुण्य कमा चुके हैं. वहीं, चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या की बात करें तो अभी तक 6,62,978 श्रद्धालु चारों धाम के दर्शन कर चुके हैं.
बता दें कि 22 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से 3 मई 2026 की शाम 5 बजे तक 3,08,085 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं. जबकि, केवल एक दिन में 23,784 श्रद्धालुओं का आगमन हुआ है. जो यात्री की रफ्तार को दर्शाता है. वहीं, यात्रा मार्ग के हर प्रमुख पड़ाव पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, आवास, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन की व्यवस्थाएं की गई है.
इसके अलावा दुर्गम पहाड़ी भूगोल और लगातार बदलते मौसम को देखते हुए संवेदनशील व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरआफ, डीडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें हाई अलर्ट पर हैं और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
