क्रिकेट के सबसे महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स का निधन, उनके शानदार करियर पर डालें एक नजर

गैरी सोबर्स ने 93 टेस्ट मैच में 57.78 की औसत से 8,032 रन बनाए जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल थे.

ब्रिजटाउन (बारबाडोस): क्रिकेट के दिग्गज सर गारफील्ड सोबर्स (गैरी सोबर्स) का शुक्रवार 17 जुलाई को 89 साल की उम्र में निधन हो गया. इसके साथ ही वेस्टइंडीज की एक बेहद मशहूर हस्ती का शानदार जीवन समाप्त हो गया. वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान के निधन की पुष्टि उनके बेटे डेनियल ने की.

सोबर्स का जन्म 1936 में बारबाडोस के ब्रिजटाउन में हुआ था. उन्होंने 16 वर्ष की उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया और इसके एक वर्ष बाद किंग्सटन में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला.

सर गैरी सोबर्स का क्रिकेट करियर
उनकी ऑलराउंड क्षमता, शानदार कौशल और खेल पर असाधारण प्रभाव ने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में स्थान दिलाया. सोबर्स ने मार्च 1954 से अप्रैल 1974 के बीच 93 टेस्ट मैच खेले और 57.78 की औसत से 8,032 रन बनाए जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल थे.

बाएं हाथ के बल्लेबाज सोबर्स बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करने के साथ-साथ कलाई के साथ स्पिन और उंगली से की जाने वाली स्पिन गेंदबाजी करने में भी सक्षम थे. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट हासिल किए. उन्होंने केवल एक वनडे मैच खेला, जिसमें एक विकेट लिया. वह बेहतरीन क्षेत्ररक्षक भी थे.

इस महान ऑलराउंडर ने 1965 से 1972 के बीच 39 टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज की कप्तानी भी की. उनकी कप्तानी में टीम ने 9 मैच जीते, 20 ड्रॉ खेले और 10 मैच गंवाए. सोबर्स ने 1974 में 38 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया.

फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन
उनका फर्स्ट-क्लास रिकॉर्ड भी शानदार था. अपने शानदार करियर के दौरान बारबाडोस, नॉटिंघमशायर और साउथ ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने कुल 383 प्रथम श्रेणी मैच खेले और 54.87 की औसत से 28,314 रन बनाए जिसमें 86 शतक और 121 अर्धशतक शामिल थे. उन्होंने इस स्तर पर 1,043 विकेट भी लिए.

गैरी सोबर्स का रिकॉर्ड
सोबर्स प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज भी थे, उन्होंने 1968 में नॉटिंघमशर के लिए खेलते हुए ग्लेमोर्गन के खिलाफ यह कारनामा किया था.

पाकिस्तान के खिलाफ फरवरी 1958 में किंग्सटन में सोबर्स का बनाया गया 365 रन (38 चौके) का स्कोर उस समय टेस्ट क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था। उन्होंने यह उपलब्धि 23 वर्ष की उम्र में हासिल की थी और यह रिकॉर्ड 36 वर्षों तक कायम रहा. यह रिकॉर्ड तब तक कायम रहा जब तक उनके ही देश के ब्रायन लारा ने 1994 में इसे तोड़ा नहीं.

कई अवॉर्ड से हुए सम्मानित
क्रिकेट में उनके योगदान के लिए उन्हें 1975 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा ‘नाइटहुड’ से सम्मानित किया गया. वर्ष 2000 में उन्हें विजडन के पांच ‘क्रिकेटर ऑफ द सेंचुरी’ में भी शामिल किया गया.

इसके अलावाअंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का सालाना पुरस्कार उनके सम्मान में ‘सर गारफील्ड सोबर्स’ पुरस्कार के नाम से दिया जाता है. यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों में सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है.

सोबर्स वेस्टइंडीज क्रिकेट इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में चौथे स्थान पर हैं और कैरेबियाई टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों की सूची में आठवें स्थान पर हैं.

क्रिकेट पर उनका प्रभाव कई पीढ़ियों तक बना रहा. उन्हें न सिर्फ क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक के तौर पर याद किया जाएगा, बल्कि उस पैमाने के तौर पर भी जिससे सभी ऑल-राउंडरों की तुलना की जाती है.