सीएम धामी: यात्रा से पहले धर्मस्व एवं तीर्थाटन परिषद का गठन, लव-जिहाद व अतिक्रमण पर सख्त रुख

सरकार के तीन साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने विकास और नीतियों की उपलब्धियां बताईं। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे हटाने का अभियान तब तक चलेगा जब तक अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हट जाता।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड धर्मस्व एवं तीर्थाटन परिषद बनाई जाएगी। उन्होंने शीतकालीन यात्रा को राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण बताया। साथ ही कहा कि अवैध कब्जे हटाने का अभियान तब तक चलेगा जब तक अतिक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता।

शनिवार को मुख्यमंत्री कैंट रोड स्थित सीएम आवास के मुख्य सेवक सदन में पत्रकार वार्ता के दौरान तीन साल की उपलब्धियां बता रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा नेतृत्व के आशीर्वाद से वे पहली बार 4 जुलाई 2021 को और दूसरी बार 23 मार्च 2022 को मुख्यमंत्री बने। अपने पहले कार्यकाल में कोरोना महामारी की चुनौती के बीच चुनाव लड़ा और जनता के आशीर्वाद से सरकार बनाकर यह धारणा तोड़ने में सफल रहे कि राज्य में एक ही पार्टी की सरकार दोबारा नहीं बनती।

रैणी, सिल्क्यारा टनल, जोशीमठ भूधंसाव और माणा भूस्खलन जैसी कई आपदाओं का सामना हुआ, लेकिन सरकार ने केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के सहयोग से इन चुनौतियों से निपटा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को इस दशक का प्रदेश बताया है, और इसे साकार करने में राज्य की मातृशक्ति की अहम भूमिका होगी। उन्होंने सभी विभागों को 3-5 महत्वपूर्ण योजनाएं बनाने के निर्देश दिए हैं, साथ ही वित्त विभाग को अगले 10 साल की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए राजस्व बढ़ाने के लिए रोडमैप तैयार करने को कहा गया है।

सख्त खिलाफ कानून लाए, कार्रवाई जारी रहेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जबरन धर्मांतरण, दंगों और अतिक्रमण को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए और अभियान चलाए गए। अवैध मदरसों और कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, जो अतिक्रमण पूरी तरह खत्म होने तक जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लैंड जिहाद, थूक जिहाद और लव जिहाद के खिलाफ कार्रवाई किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि अराजक तत्वों के खिलाफ है।

शीतकालीन यात्रा गेमचेंजर होने वाली है

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन यात्रा राज्य के लिए बदलाव लाने वाली साबित होगी। पहले जिन छह महीनों में कारोबार ठप रहता था, अब उसमें तेजी आएगी। सरकार पहले से इसकी तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री के संदेश के बाद केदारनाथ, आदि कैलाश, माणा और अब मुखबा में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या बढ़ी है।

पहला राज्य और देश के लिए नजीर बना उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने संविधान निर्माताओं की भावना के अनुसार यूसीसी लागू किया। नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड पहले स्थान पर रहा। सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून बनाया, जो देश के लिए मिसाल बना। इस कानून के लागू होने के बाद 20,000 से ज्यादा पद भरे गए और कोई नकल का मामला सामने नहीं आया। हालांकि युवाओं को गुमराह करने की कोशिश हुई, लेकिन इस कानून से उनमें नया उत्साह पैदा हुआ।

महिलाएं शीर्ष प्राथमिकता में, उनके योगदान से बनेगा दशक

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी मां को कठिन परिस्थितियों में काम करते देखा है, और यही स्थिति राज्य के अधिकांश परिवारों की है। इसलिए महिलाएं उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। सरकार ने सरकारी नौकरियों और सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया है। 2025 तक डेढ़ लाख “लखपति दीदी” बनाने का संकल्प लिया गया है। उनके प्रयासों से ही उत्तराखंड का यह दशक बनेगा। हिमालय ब्रांड के तहत उनके बनाए उत्पादों की मांग अब देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में बढ़ रही है।

छह दशक से रुकी बांध परियोजना मंजूर हुई

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखवाड़ बांध परियोजना छह दशक से अटकी थी, जिसे डबल इंजन सरकार ने शुरू किया। सौंग और जमरानी बांध परियोजनाओं को मंजूरी मिली, और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम जारी है। तीन जिलों में हेली सेवा शुरू की जा रही है। हरिद्वार-ऋषिकेश और शारदा कॉरिडोर के निर्माण की योजना है। 2027 में होने वाले हरिद्वार कुंभ और नंदा राजजात यात्रा के भव्य आयोजन की सरकार पूरी तैयारी करेगी।

मंजिल दूर है , लेकिन राह हमारी ठीक है

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में उत्तराखंड का योगदान सुनिश्चित करने के लिए विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। भविष्य की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही अंधेरा घना हो, लेकिन दिया जलाने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने यह भी कहा कि मंजिल भले ही दूर हो, लेकिन हमारी राह सही दिशा में है।

सीएम ने ये भी कहा

उत्तराखंड सरकार की प्रमुख उपलब्धियां

 

1. निवेश को बढ़ावा: 3.55 लाख करोड़ के एमओयू में से 80 हजार करोड़ पर काम शुरू।

 

 

2. नीतियों में सुधार: निवेशकों से संवाद कर 30+ नीतियां बनाई व संशोधित की।

 

 

3. भू-कानून में संशोधन: जनभावना के अनुरूप बदलाव की प्रक्रिया शुरू।

 

 

4. राष्ट्रीय खेल उपलब्धि: 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन, सातवां स्थान प्राप्त किया।

 

 

5. खेलों में नई पहचान: देवभूमि और वीरभूमि के साथ अब उत्तराखंड ‘खेल भूमि’ भी बना।

 

 

6. वेडिंग डेस्टिनेशन: उत्तराखंड को शादी समारोहों के लिए लोकप्रिय बनाने की प्रतिबद्धता।

 

 

7. भ्रष्टाचार पर सख्ती: भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई।

 

 

8. प्रवासी उत्तराखंडियों से जुड़ाव: सम्मेलनों के जरिये प्रवासियों को राज्य के विकास से जोड़ा।

 

 

9. आर्थिक प्रगति: प्रति व्यक्ति आय बढ़ी, देश में 13वें स्थान पर पहुंचा, बेरोजगारी दर घटी।

 

10. फिल्म डेस्टिनेशन: 200 से अधिक फिल्मों की शूटिंग से पर्यटन को बढ़ावा।