राज्य सरकार को उम्मीद है कि केंद्र से इस प्रस्ताव को अक्टूबर के अंत तक या नवंबर के पहले सप्ताह में मंजूरी मिल सकती है
देहरादून: उत्तराखंड के गांवों तक सड़क पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है. 528 नई सड़कों के प्रस्ताव पर केंद्र की मंजूरी का इंतजार है. मंजूरी मिली तो 2,850 किलोमीटर सड़कें बनेंगी और 19 पुल भी तैयार किए जाएंगे.
उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी सुधरेगी: उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के तहत 528 नई सड़कों के निर्माण की तैयारी है. इन सड़कों की कुल लंबाई करीब 2,850 किलोमीटर होगी, जबकि निर्माण पर लगभग 3,704 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. प्रस्ताव में 19 पुलों का निर्माण भी शामिल है.
मंत्री का बयान: ग्राम्य विकास मंत्री भरत चौधरी ने बताया कि-
राज्य सरकार को उम्मीद है कि केंद्र से इस प्रस्ताव को अक्टूबर के अंत तक या नवंबर के पहले सप्ताह में मंजूरी मिल सकती है. अगर प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क के विस्तार का काम आगे बढ़ेगा. सरकार की कोशिश है कि दूरदराज के गांवों और बसावटों तक सड़क सुविधा पहुंचाई जाए, ताकि लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए लंबी दूरी और दुर्गम रास्तों की परेशानी कम झेलनी पड़े.
-भरत चौधरी, ग्राम्य विकास मंत्री, उत्तराखंड-
528 सड़कों पर 3,704 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में उत्तराखंड सरकार अब नए प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने की कोशिश में जुटी है. इसके तहत 528 सड़कों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है. इन सड़कों की लंबाई करीब 2,850 किलोमीटर रखी गई है. प्रस्तावित लागत लगभग 3,704 करोड़ रुपये है. यानी योजना को मंजूरी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों के निर्माण का रास्ता खुल सकता है.
पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में सड़क संपर्क का सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. कई गांवों में सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को पैदल दूरी तय करनी पड़ती है. ऐसे में नए मार्ग बनने से ग्रामीणों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, इन सड़कों का निर्माण केंद्र की मंजूरी और उसके बाद होने वाली टेंडर प्रक्रिया पर निर्भर करेगा.
सड़कों के साथ 19 पुल भी बनेंगे: 528 सड़कों के प्रस्ताव में केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि 19 पुलों का निर्माण भी शामिल किया गया है. पहाड़ी क्षेत्रों में बरसाती गदेरों, नालों और दूसरे जलस्रोतों के कारण कई जगह आवाजाही प्रभावित होती है. बरसात के दौरान रास्ते बाधित होने से ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में पुलों का निर्माण सड़क संपर्क को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है. प्रस्ताव में शामिल पुलों और सड़कों का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि इन्हें किन स्थानों पर बनाया जाता है और निर्माण कार्य किस समयसीमा में पूरा होता है. फिलहाल, सरकार ने इनके निर्माण के लिए वित्तीय और भौतिक प्रस्ताव केंद्र को भेजा है. मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी.
मंजूरी के बाद एक-दो महीने में टेंडर का लक्ष्य: राज्य के ग्राम्य विकास मंत्री भरत चौधरी के मुताबिक, सरकार को उम्मीद है कि 528 नई सड़कों के प्रस्ताव को अक्टूबर के अंत तक या नवंबर के पहले सप्ताह में मंजूरी मिल सकती है. इसके बाद अगले एक से दो महीने में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा. ऐसे में आने वाले कुछ महीने इस परियोजना के लिए अहम होंगे. केंद्र से मंजूरी मिलने, विभागीय औपचारिकताएं पूरी होने और टेंडर जारी होने के बाद यह साफ होगा कि किन सड़कों पर पहले काम शुरू किया जाएगा. सरकार की कोशिश है कि मंजूरी मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी से जुड़े कामों को गति दी जा सके.
पहले से मंजूर 1,492 सड़कों पर भी चल रहा काम: PMGSY के चौथे चरण में उत्तराखंड के लिए 1,492 सड़कों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. इनमें से 184 सड़कों की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है, जबकि करीब 120 सड़कों पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. मंत्री भरत चौधरी के मुताबिक, बाकी सड़कों पर भी अगले एक सप्ताह से लेकर अधिकतम एक महीने के भीतर काम शुरू करने की तैयारी है. इस तरह राज्य में पहले से मंजूर सड़कों पर निर्माण कार्य आगे बढ़ाने के साथ-साथ 528 नई सड़कों के प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने की कवायद भी चल रही है. दोनों की स्थिति अलग-अलग है. पहली श्रेणी में मंजूर सड़कों पर काम आगे बढ़ रहा है, जबकि नई 528 सड़कों के लिए अभी केंद्र की मंजूरी का इंतजार है.
5,000 करोड़ से अधिक के सड़क कार्यों का खाका: पहले से मंजूर सड़कों और नए प्रस्ताव को मिलाकर प्रदेश में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के सड़क निर्माण कार्यों का खाका सामने आया है. मंत्री भरत चौधरी ने इसे ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम बताया है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि 528 नई सड़कों के प्रस्ताव की लागत अभी अनुमानित है और इसे मंजूर बजट नहीं माना जा सकता. केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद ही इन सड़कों के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. सरकार ने अगले दो से तीन वर्षों में प्रदेश की ऐसी ग्रामीण बसावटों को सड़क से जोड़ने का लक्ष्य भी रखा है, जो अभी इस सुविधा से वंचित हैं. अब नजर केंद्र की मंजूरी और उसके बाद निर्माण कार्यों की रफ्तार पर रहेगी.
